कभी गुजर कर देखना उन पुरानी राहों से शायद ख्वाबों का बनाया वो मकान मिल जाए....
कभी फुरसत हो तो खोलना दिल की डायरी को शायद कहीं किसी पन्ने पर मेरा नाम मिल जाए.....
हो सकता है वो पन्ना तुमने जला दिया हो फिर भी थोड़ा गौर से देखना शायद जला हुआ कोई निशान मिल जाए.....
कभी फुरसत हो तो खोलना दिल की डायरी को शायद कहीं किसी पन्ने पर मेरा नाम मिल जाए...!
- Sp Rediwala
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